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मटकुरिया - बिनोद बिहारी चौक फ्लाईओवर: पुनर्वास के बिना विस्थापन अमानवीय: भास्कर सुमन



धनबाद। मटकुरिया से बिनोद बिहारी चौक तक निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना के तहत वासेपुर गुलजार बाग क्षेत्र के लगभग 200 - 225 परिवारों को बेदखली का नोटिस दिया गया है। जिला मीडिया प्रभारी जावेद अख्तर ने कहा कि  प्रकाशित समाचारों में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि प्रभावित परिवारों को पहले प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा वैकल्पिक पुनर्वास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाएगा, उसके बाद ही घरों को हटाया जाएगा। परंतु जमीनी हकीकत यह है कि बिना किसी ठोस पुनर्वास व्यवस्था के ही क्षेत्र में प्रतिदिन प्रशासनिक गाड़ियाँ घूम रही हैं और लोगों को हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे महिलाएँ, बच्चे, बुजुर्ग एवं कामकाजी वर्ग भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल सरकार की घोषणा के विपरीत है, बल्कि मानवीय मूल्यों के भी खिलाफ है। वहीं प्रदेश नेता भास्कर ने कहा कि प्रशासन ने लोगों के रहने का वैकल्पिक व्यवस्था न कर पहले तो गलती किया और अब ग्रामीणों के आवाज को भी दबाना चाहती है। रोज रोज के अनाउंसमेंट से लोग परेशान हो चुके हैं और इस वजह से उन्हें मानसिक तनाव हो रहा है। घरों में बहु बेटियां और वृद्ध हैं जो वर्षों से रहते आ रहे हैं, आखिर उनकी व्यवस्था कौन करेगा ? 

आम आदमी पार्टी, धनबाद, जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें करती है की

फ्लाईओवर निर्माण से प्रभावित सभी परिवारों का पहले विधिवत पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।

सरकार की घोषणा के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य वैकल्पिक पुनर्वास योजना के तहत स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।

पुनर्वास पूर्ण होने के बाद ही किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या विस्थापन की कार्रवाई की जाए।

तब तक प्रभावित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जबरन बेदखली पर तत्काल रोक लगाई जाए।

भास्कर सुमन ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी यह स्पष्ट करती है कि यदि गरीब और वंचित परिवारों के साथ अन्यायपूर्ण एवं अमानवीय व्यवहार जारी रहा, तो पार्टी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।हम मांग पत्र के माध्यम से उपायुक्त महोदय से अपील करते हैं कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय और सम्मान के साथ सुरक्षित पुनर्वास मिल सके।




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