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शहीद खुदीराम बोस की 118वीं शहादत दिवस पर हीरापुर में गूंजा देशभक्ति का संदेश




धनबाद। झारखंड बांग्ला भाषा संघर्ष समिति ने आयोजित किया श्रद्धांजलि एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम धनबाद, महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद खुदीराम बोस की 118वीं शहादत दिवस के अवसर पर झारखंड बांग्ला भाषा संघर्ष समिति की ओर से मंगलवार को लिन्सी क्लब, हीरापुर में श्रद्धांजलि एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में शहीद खुदीराम बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई,कार्यक्रम की अध्यक्षता बीबीएम इंटर कॉलेज, बलियापुर के संस्थापक-प्राचार्य सिद्धार्थ बंधोपाध्याय ने की, जबकि संचालन प्रोफेसर वरुण सरकार ने किया,कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, छात्र-छात्राएं एवं शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे,कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि खुदीराम बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के ऐसे महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने बहुत कम उम्र में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी,उनका अदम्य साहस, त्याग और देशप्रेम आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है,वक्ताओं ने कहा कि शहीदों की कुर्बानियों को केवल स्मरण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संघर्ष और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है,वक्ताओं ने कहा कि शहीद खुदीराम बोस की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करने, देश की एकता एवं सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने और समाज में मानवता एवं भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है,आज के युवाओं को उनके जीवन से साहस, अनुशासन, त्याग और देश के प्रति समर्पण की सीख लेनी चाहिए,कार्यक्रम का सांस्कृतिक सत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सिंबोसिस स्कूल, बड़ौयाडा, अभय सुंदरी गर्ल्स स्कूल, हीरापुर तथा नूपुर डांस क्लासेस, मनईटांड़ के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, संगीत एवं नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं। नन्हे कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाया,झारखंड बांग्ला भाषा संघर्ष समिति के आयोजकों ने कहा कि शहीद खुदीराम बोस की शहादत दिवस के माध्यम से नई पीढ़ी को बंगाल तथा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है,उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस किसी एक क्षेत्र या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे देश के अमर सपूत हैं और उनकी शहादत सदैव देशवासियों को प्रेरणा देती रहेगी,कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद खुदीराम बोस के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने, युवाओं में देशभक्ति एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने तथा समाज में एकता और भाईचारा कायम रखने का संकल्प लिया, कार्यक्रम में मुख्य रूप से, सम्राट चौधरी, राणा चट्टराज, देवाशीष पांडे, सुसोभन चक्रवर्ती, शीतल दत्ता, कल्याण,भट्टाचार्य,आनंद मयिपाल, हिमांशु मंडल, सोमनाथ चौधरी,नारायण मंडल, कल्याण घोषाल, जयदीप बनर्जी, रीना मंडल, कल्याण चक्रवर्ती, शिबू चक्रवर्ती, कसिम दे, राजू प्रमाणिक, समीर मंडल, प्रीतम बनर्जी, दिनेश कुमार, पंकज लाला, दिनेश मंडल, उत्तम मिश्रा, राणा दे, सुमंतो मुखर्जी, मृत्युंजय मंडल, मिथिलेश कुमारआदि लोग शामिल थे

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