बरवाअड्डा। झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट (JGVT) एवं Just Rights for Children (JRC) द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत धनबाद जिले के आकांक्षी प्रखण्ड गोबिंदपुर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रखण्ड के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर “इस मंदिर में बाल विवाह नहीं होता है” का सूचना बोर्ड लगाया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य धार्मिक स्थलों को बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता एवं सामाजिक संकल्प के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना तथा आम लोगों, श्रद्धालुओं और धार्मिक गुरुओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना है। झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के संस्थापक-सह-निदेशक शंकर रवानी ने कहा कि उनकी संस्था पिछले चार वर्षों से बाल विवाह मुक्त धनबाद के निर्माण के लिए जिला प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम स्तर पर कार्यरत संगठनों, महिला समूहों, किशोर एवं किशोरी समूहों तथा धार्मिक गुरुओं के साथ लगातार समन्वय एवं सहयोग के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से 2030 तक बाल विवाह मुक्त धनबाद का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक संकल्प भी आवश्यक है। धार्मिक स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाए जाने से बाल विवाह के खिलाफ सकारात्मक सामाजिक संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।गोबिंदपुर प्रखण्ड में इस अभियान को सफल बनाने में झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट की फील्ड कोऑर्डिनेटर पूजा कुमारी, आशा महतो एवं लक्ष्मी देवी सक्रिय रूप से लगी हुई हैं। अभियान के दौरान ग्रामीणों, महिलाओं, किशोरियों एवं धार्मिक स्थलों से जुड़े लोगों को बाल विवाह रोकने तथा बाल अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक किया जा रहा है।
JGVT एवं JRC ने लोगों से अपील की है कि बाल विवाह की किसी भी सूचना की जानकारी मिलने पर संबंधित प्रशासन एवं बाल संरक्षण तंत्र को सूचित करें और बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।



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