धनबाद। झारखंड में बिजली संकट के बीच मंगलवार की देर रात शुभ संकेत मिलने शुरू हो गए। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने आधुनिक पावर के बकाये ₹25 करोड़ का भुगतान कर दिया। इसके बाद सेंट्रल पावर एक्सचेंज ने डिफॉल्टर की लिस्ट से जेबीवीएनएल का नाम हटा दिया। मंगलवार की देर रात से ही सेंट्रल सेक्टर से बिजली मिलनी शुरू हो गई। राज्य में अब बिजली की कमी 500 मेगा वाट से घटकर करीब 250 मेगावाट रह गई है। इससे लोडशेडिंग में कमी देखने को मिलेगी।
बिजली जीएम का दिखा प्रभाव
बिजली जीएम हरेंद्र कुमार सिंह के डीवीसी के अधिकारियों के साथ हुई बैठक का असर जिले की बिजली आपूर्ति पर दिखने लगा है। डीवीसी के लोड रिस्ट्रिक्शन के साथ लोड शेडिंग में कमी देखने को मिल रही है।
डीवीसी के कोडरमा यूनिट से भी शाम तक मिलने लगेगी पावर
डीवीसी के कोडरमा यूनिट में आई खराबी भी बुधवार देर रात तक दूर होने की संभावना है। कोडरमा यूनिट से शहर को बिजली आपूर्ति होने से बिजली संकट दूर होने के आसार है। इसके साथ ही कांड्रा ग्रिड से भी 10 मेगावाट की जगह 40 मेगा वाट बिजली शहर को मिलने लगी है।
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