Hot Posts

6/recent/ticker-posts

झारखंड सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव के पत्र का हवाला देकर झमाड़ा मृत कर्मियों के आश्रितों ने माडा एमडी पर लगाया अनदेखी का आरोप

   


धनबाद। 520 दिन से झमाड़ा कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे झमाड़ा के मृत कर्मियों के आश्रितों ने अनुकम्पा पर नियुक्ति पर झारखंड सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव मनोहर मराण्डी के पत्र का हवाला देकर माडा एमडी सत्येंद्र कुमार पर अनदेखी का आरोप लगाया है।  झमाड़ा आश्रित मोहम्मद अजहरूद्दीन ने बताया कि सरकार से आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियोजन देने के साफ साफ निर्देश प्राप्त होने के बावजूद माडा प्रबंधन अपने तानाशाही रवैया पर कायम है। उन्होंने बताया कि आरटीआई दायर कर इस संबंध में जब जानकारी मांगी गई तो उन्हें ज्ञात हुआ कि सरकार के द्वारा माडा को  सक्षम प्राधिकार बताते हुए आश्रितों के संबंध में फैसला लेने को कहा गया है जबकि माडा एमडी बार-बार हेड क्वार्टर से फैसला होने की बात कहते हैं।

पत्र में वर्णित है की कर्मियों के नियोजन एवं अनुकम्पा पर नियुक्ति हेतु स्वयं सक्षम है माडा

पत्र में कहा गया है कि PG Portal में दर्ज शिकायत संख्या - GOJH/E/2023/0001591 दिनांक - 13.05.2023 द्वारा झमाड़ा के मृत कर्मियों के आश्रितों के अनुकम्पा पर नियुक्ति हेतु बोर्ड गठित नहीं होने के कारण नियुक्ति नहीं होने का उल्लेख करते हुए विभाग स्तर से निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है। उल्लेखनीय है कि झारखण्ड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार अधिनियम, 1986 की धारा-12 में प्राधिकार अंतर्गत नियुक्तियों के प्रावधान निम्नवत है-

12. प्राधिकरण के कर्मचारी (1) ऐसे नियंत्रण और प्रतिबंधों के अधीन, जो नियम द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं, प्राधिकरण ऐसे सदस्यों या अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों (तकनीकी कार्यों के विशेषज्ञों सहित) को नियुक्त कर सकता है जो उसके कार्यों के कुशल प्रदर्शन के लिए आवश्यक हो सकते हैं और उनके पदनाम और ग्रेड निर्धारित कर सकते हैं।

(2) सचिव और प्राधिकरण के अन्य अधिकारी और कर्मचारी प्राधिकरण की निधि से ऐसे वेतन और ऐसे भत्ते, यदि कोई हो, प्राप्त करने के हकदार होंगे और सेवा की ऐसी शर्तों द्वारा शासित होंगे जो बनाए गए विनियमों द्वारा निर्धारित की जा सकती है। इस निमित्त,इसके अतिरिक्त झारखण्ड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार अधिनियम, 1986 की धारा-5(5) में


निम्न प्रावधान किये गये हैं:-

5(5) प्रबंध निदेशक प्राधिकरण का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा। अधिनियम के उपर्युक्त प्रावधानों के आलोक में झारखण्ड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार धनबाद अंतर्गत कर्मियों के नियोजन एवं अनुकम्पा पर नियुक्ति हेतु स्वयं सक्षम प्राधिकार है। अनरोध है कि प्राधिकार के वित्तीय स्थिति को दृष्टिपथ रखते हुए सेवाकाल में मृत कर्मियों के आश्रितों को नियमानुसार अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त करने के संबंध में आवश्यक निर्णय लेने की कृपा की जाय। 

Post a Comment

0 Comments