Hot Posts

6/recent/ticker-posts

झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति ने शहीद खुदीराम बोस का शहादत दिवस मनाया

  


धनबाद। झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति ने लिंडसे क्लब हीरापुर में शहीद खुदीराम बोस  का शहादत दिवस मनाया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि खुदीराम बोस का जन्म 3 सितंबर 1889 को बंगाल में मेदिनीपुर जिले के हबीबपुर गांव में हुआ था। अपने स्कूल के दिनों में खुदीराम बोस आजादी के  आंदोलनों में शामिल हो गए  थे महज 18 साल की उम्र में 11 अगस्त 1908 को क्रांतिकारी खुदीराम बोस को फांसी दे दी गई थी। आज वही तारीख है जब अंग्रेजों ने 18 साल की युवा की आंखों में भारत की आजादी का जुनून देखा था। 11 अगस्त 1908 को क्रांतिकारी को  खुदीराम बोस हंसते-हंसते फांसी मैं चढ़ गए। इस साल हम ब्रिटिश राज से आजादी का 76व स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। इस आजादी के अनेकों देश प्रेमियों ने अपनी जान की बाजी लगाई थी उन्हीं में एक थे खुदीराम बोस। बंगाल की मेदिनीपुर से मुजफ्फरपुर पहुंचे खुदीराम बोस ने 30 अप्रैल 1908 की रात में शहर के कंपनीबाग में अंग्रेज केनेडी परिवार पर बम फेंका था, बंगाल विभाजन के विरोध में अपनी नवमी कक्षा की पढ़ाई छोड़ बहुत ही कम उम्र में स्वदेशी आंदोलन से जुड़ गए थे।

सी दौरान वह रिवॉल्यूशन पार्टी से जुड़े और वंदे मातरम लिखे पंपलेट बांटने लगे।1896 एक प्रदर्शनी में सोनार बांग्ला की प्रतिमा बांटने के दौरान जब एक पुलिस वाले ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो उसे जोरदार मुक्का मार कर खुद राम बोस वहां से भाग निकले।बाद में सरकार के द्वारा खुदीराम बोस पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया गया, लेकिन गवाह न मिलने के चलते उन्हें छोड़ दिया गया। वह  एक क्रांतिकारी संस्था से जुड़े हुए थे जिसने उन्हें क्रांतिकारी गतिविधियों करने के लिए प्रेरित किया। जब 1950 में वायसराय लॉर्ड कर्जन के द्वारा बंगाल विभाजन किया गया तो उनके विरोध में लोगों ने सड़कों पर उतर कर अपना रोष व्यक्त किया था। इस फ़ैसले के विरोध में जबरदस्त प्रतिक्रिया हुई थी इसमें हिस्सा लेने वाले क्रांतिकारी को मजिस्ट्रेट किंगस्पोर्ट ने बहुत कुर्दन दिए थे बाद में पदोन्नति देकर किंगस्पोर्ट को मुजफ्फरपुर का सत्र न्यायाधीश बना दिया गया। 

ये थे मौजूद 

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से समिति के सिंदरी के पूर्व विधायक फूलचंद मंडल, संस्थापक बेंगू ठाकुर, रेखा मंडल, रीना मंडल, नारायण आशीष मंडल, कल्याण भट्टाचार्य,सम्राट चौधरी, राणा चट्टराज, सुशोभन चक्रवर्ती, धरणीधर मंडल, समीर मंडल, राजू प्रमाणिक, पार्थो सेनगुप्ता,सूरजीत चंद्रा, रघुनाथ राय, बबलू सरकार, दिनेश मंडल, टनी बनर्जी, अमिताभ बनर्जी, शिबू चक्रवर्ती, कल्याण राय, बबलू दास, दुर्गा दास,कविता मंडल,पांपा पाल, लक्ष्मी मुर्मू, नीलम मिश्रा, मालती दास, माया सरकार, देबू महतो,पप्पू मंडल, मुखिया राजीव मंडल सुबल तिवारी,सपन बनर्जी , डोरा मंडल,  हरधन रजवार,असीम दे,मीलू मंडल, आदि लोग शामिल थे।



Post a Comment

0 Comments