धनबाद:हीरापुर चिल्ड्रन पार्क में श्री श्री श्याम पूजा कमेटी झरना पाड़ा, पार्क मार्केट में 44 वां साल काली पूजा का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिवर्ष आकर्षण का केंद्र रहने वाला काली पूजा पंडाल को इस वर्ष नाइजीरिया के फिश फेस्टिवल के तर्ज पर बनाया जा रहा है जिसमें नाइजीरिया में रहने वाले आदिवासी समाज किस तरह से मछलियां पकड़ते हैं, काली पूजा पंडाल में मछली से जुड़ी हुई गतिविधियां देखने को मिलेगी। पंडाल के सामने 30 फीट का मछली दिखेगा और पंडाल के ऊपर 20 फीट का नाइजीरिया के आदिवासी राजा का मुखौटा नजर आएगा नाइजीरिया में किस तरह से समुद्री मछली का शिकार तीर से किया जाता है और उसे कैसे आग में पकाते हैं ? धनबाद के निवासी उसे देख पाएंगे।
1980 से पार्क मार्केट में हो रही है पूजा
पूजा कमेटी के अध्यक्ष विकास चौधरी ने बताया 1980 से पार्क मार्केट में पूजा करते आ रहे हैं हर साल यूनिक पंडाल मेदिनीपुर के जाना टेंट हाउस द्वारा बनाया जाता है , मूर्ति दुलाल पाल बनाया है। पिछले साल कृष्ण मंदिर और कृष्ण लीला पर पंडाल तैयार हुआ था। कभी ऑक्टोपस थीम तो किसी वर्ष विवेकानंद रॉक, सिल्वर जुबली वर्ष में चांदी सा दिखने वाला पंडाल इसी तरह के यूनिक पंडाल बनते आ रहे हैं जिस कारण हम लोग हर वर्ष विजेता भी रहते हैं।
लकड़ी और हुगला पत्ता से निर्मित हो रहा है पंडाल
मेदिनीपुर के कलाकार निताई बताते हैं इस वर्ष पूरा पंडाल लकड़ी और हुगला पत्ता से निर्मित हो रहा है पंडाल को 30 मिस्त्री 4 महीने से बना रहे हैंइस पंडाल में नाइजीरिया के फिश फेस्टिवल की झलक देखने को मिलेगा पंडाल के अंदर मछली के थीम पर ही डेकोरेशन किया गया है सामने 30 फीट बड़ी मछली है वहां के राजा का मुखौटा पंडाल पर बना दिखेगा।
पूजा समिति के सदस्य कमल कुमार उर्फ बबलू ने बताया चंदननगर से विद्युत सज्जा का भी आयोजन किया गया है जो दिवाली एवं काली पूजा में आकर्षण का केंद्र रहता है । अफ्रीका के आदिवासी किस प्रकार से मछली का शिकार करके जीविका निर्वाह करते हैं इसे फीस फेस्टिवल के माध्यम से पंडाल में दिखाया गया है। संपूर्ण पूजा का लागत लगभग 14-15 लाख है।



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