धनबाद। श्री श्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर के संस्थापक एवं कथा व्यास श्री सुरेन्द्र हरीदास ने हीरापुर के एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया की श्री श्री श्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर के तत्वाधान में दुर्गा पूजा समिति सत्यम शिवम् सुंदरम हीरापुर झारखंड मैदान के सहयोग से अष्ट दिवसीय श्री मद्भागवत महापुराण कथा 20 दिसंबर से 28 दिसंबर 2 बजे से 07 बजे तक खरमास महीने की पावन बेला पर होगी। श्रीमद् भागवत कथा की शुरुआत की जा रही है। श्रीमद्भागवत की कथा का सदा-सर्वदा सेवन, आस्वादन करना चाहिए। इसके श्रवणमात्र से श्रीहरि हृदय में आ विराजते हैं।इस ग्रन्थमें अठारह हजार श्लोक और बारह स्कन्ध हैं तथा श्रीशुकदेव और राजा परीक्षित् का संवाद है । यह जीव तभी तक अज्ञानवश इस संसारचक्र में भटकता है, जबतक क्षणभर के लिये भी कानों में इस शुकशास्त्र की कथा नहीं पड़ती | बहुत-से शास्त्र और पुराण सुननेसे क्या लाभ है, इससे तो व्यर्थ का भ्रम बढ़ता है । मुक्ति देने के लिये तो एकमात्र भागवतशास्त्र ही गरज रहा है | जिस घर में नित्यप्रति श्रीमद्भागवत की कथा होती है, वह तीर्थरूप हो जाता है और जो लोग उसमें रहते हैं, उनके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं | हजारों अश्वमेध और सैकड़ों यज्ञ इस शुकशास्त्र की कथा का सोलहवाँ अंश भी नहीं हो सकते | जब तक लोग अच्छी तरह श्रीमद्भागवत का श्रवण नहीं करते, तभी तक उनके शरीर में पाप निवास करते हैं | फल की दृष्टि से इस शुकशास्त्रकथा की समता, गया, काशी, पुष्कर या प्रयाग—कोई तीर्थ भी नहीं कर सकता।जो पुरुष अन्तसमय में श्रीमद्भागवत का वाक्य सुन लेता है, उस पर प्रसन्न होकर भगवान् उसे वैकुण्ठधाम देते हैं। कलियुग में जीवों के उद्धार के लिए श्रीमद्भागवत ही एकमात्र उपाय है।
इस कथा सफल बनाने में उमेश यादव, तारक नाथ दास,सुबोध सिंह, सुबोध केशरी, दीनानाथ कुमार मनोज मालाबार राजेश अग्रवाल लल्लू तिवारी, संतोष सिंह, राजेश मालाकार, दिलीप शर्मा, मनोज गुप्ता विकास साव बिल्लू गुप्ता मुकेश लाला सुप्रतिक (नवाब)सत्यम शिवम सुन्दरम दुर्गा पूजा कमिटीआदि पुजा समिती समाज के सभी वर्गों के लोग सेवा दे रहे हैं।



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