*इस्कॉन धनबाद की ऐतिहासिक चतुर्दिवसीय श्री जगन्नाथ रथयात्रा के प्रथम दिवस पर उमड़ा जनसैलाब
धनबाद। इस्कॉन धनबाद, जगजीवन नगर द्वारा आयोजित चार दिवसीय ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव का शुभारंभ 16 जुलाई को अत्यंत हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ हुआ। प्रातः काल से ही स्टील गेट दुर्गा मंडप में हजारों श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया तथा पूरा वातावरण "जय जगन्नाथ", "हरे कृष्ण" एवं "जगन्नाथ स्वामी नयन पथगामी भवतु मे" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस वर्ष का आयोजन प्रत्येक दृष्टि से पिछले वर्षों की अपेक्षा अधिक विशाल एवं ऐतिहासिक रहा। रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी के दिव्य रथ को खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया। संपूर्ण यात्रा मार्ग में भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम देखने को मिला।
*प्रातःकालीन पाहूंडी एवं रथारोहण*
प्रातःकाल जगन्नाथपुरी की लगभग दो हजार वर्ष प्राचीन पाहूंडी परंपरा के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी को अत्यंत हर्षोल्लास के साथ दिव्य रथ पर विराजमान कराया गया। सैकड़ों भक्त मृदंग, करताल, झांझ एवं कसोर लेकर नृत्य और हरिनाम संकीर्तन करते हुए भगवान का स्वागत कर रहे थे। एक समान वेशभूषा में उपस्थित भक्तों के उल्लासपूर्ण नृत्य एवं "जगन्नाथ स्वामी नयन पथगामी" के उद्घोष से संपूर्ण स्टील गेट क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। भगवान का विशेष राजसी श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा।
*विशेष ऑटोमैटिक रथ बना आकर्षण का केंद्र*
भगवान श्री जगन्नाथ का दिव्य रथ इस वर्ष भी आईआईटी (आईएसएम) एवं बीआईटी के विद्यार्थियों द्वारा विकसित विशेष ऑटोमैटिक हाइड्रोलिक प्रणाली से युक्त था। यात्रा मार्ग में आने वाली विभिन्न ऊँचाइयों की बाधाओं के अनुसार रथ का शिखर स्वतः लगभग 35 फीट से 15 फीट तक समायोजित होता रहा। जगन्नाथपुरी की परंपरा के अनुरूप सुसज्जित चार अश्व—शंख, श्वेत, बलाहक एवं हरिदश्व—रथ की शोभा बढ़ा रहे थे। लगभग 200 किलोग्राम वजनी विशाल रस्सी से हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को खींचकर स्वयं को धन्य अनुभव किया।
*छऊ नृत्य एवं हरिनाम संकीर्तन के साथ निकली भव्य शोभायात्रा*
इस वर्ष पहली बार संपूर्ण रथयात्रा के साथ पारंपरिक छऊ नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियाँ निरंतर चलती रहीं, जिसने श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण प्राप्त किया। रथ के आगे-आगे हरिनाम संकीर्तन, भक्तों का नृत्य तथा छऊ कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने पूरे मार्ग को आध्यात्मिक उत्सव में परिवर्तित कर दिया। मार्ग के दोनों ओर हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर पुष्पवर्षा एवं जयघोष करते रहे।
*सात स्थानों पर छप्पन भोग अर्पित*
इस वर्ष रथयात्रा की एक विशेषता यह रही कि भगवान श्री जगन्नाथ के रथ को यात्रा मार्ग में सात विभिन्न स्थानों पर रोका गया, जहाँ श्रद्धालुओं द्वारा अत्यंत श्रद्धा के साथ छप्पन भोग अर्पित किए गए। प्रत्येक पड़ाव पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर महाप्रसाद ग्रहण किया। जगन्नाथपुरी की परंपरा के अनुरूप यह आयोजन भक्तों के लिए अत्यंत भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक अनुभव रहा।
*ग्रामीण एवं जनजातीय समाज की ऐतिहासिक सहभागिता*
इस वर्ष धनबाद एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में जनजातीय समाज के श्रद्धालु विशेष रूप से रथयात्रा में सम्मिलित हुए। उन्होंने केवल रथयात्रा में भाग ही नहीं लिया, बल्कि हरिनाम संकीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्य, सेवा तथा भगवान के महाप्रसाद वितरण सहित महोत्सव के विभिन्न आयामों में सक्रिय सहभागिता निभाई। उनकी पारंपरिक वेशभूषा, भक्ति एवं उत्साह ने रथयात्रा की शोभा को और अधिक बढ़ा दिया तथा भगवान श्री जगन्नाथ के सार्वभौमिक प्रेम एवं सामाजिक समरसता के संदेश को साकार किया।
*पर्यावरण संरक्षण का संदेश बनी रथयात्रा*
इस वर्ष पहली बार रथयात्रा को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल (Sustainable Rath Yatra) बनाने की दिशा में एक विशेष पहल की गई। रथ के पीछे चल रहे 15 समर्पित स्वयंसेवक पूरे यात्रा मार्ग पर निरंतर सफाई करते रहे, जिससे मार्ग स्वच्छ बना रहा। श्रद्धालुओं ने इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए इसे धार्मिक आयोजनों में पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी उदाहरण बताया l
*गोल्फ ग्राउंड में भव्य गुंडीचा मंदिर एवं विशाल पंडाल बना आकर्षण का केंद्र*
संध्या तक भगवान श्री जगन्नाथ का दिव्य रथ गोल्फ ग्राउंड स्थित भव्य गुंडीचा मंदिर पहुँचा, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव किया। इस वर्ष गोल्फ ग्राउंड में बनाया गया पंडाल पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक विशाल एवं भव्य स्वरूप में तैयार किया गया था। भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी के चार दिवसीय निवास के लिए निर्मित भव्य गुंडीचा मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। सायंकाल भगवान की मंगल आरती एवं विशेष पूजा के उपरांत दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
पंडाल परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रथ परिक्रमा, आनंद बाजार, कथा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए विशाल मंच, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई थीं। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भगवान के दिव्य रथ की परिक्रमा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
*भव्य महाप्रसाद वितरण*
रथयात्रा के प्रथम दिवस संध्या से ही इस्कॉन विशेष खिचड़ी, हलवा एवं पापड़ महाप्रसाद का विशाल वितरण प्रारंभ हुआ। पिछले वर्ष प्रथम दिवस लगभग 40,000 प्लेट महाप्रसाद वितरित किए जाने के बाद इस वर्ष प्रतिदिन लगभग 50,000 श्रद्धालुओं तक महाप्रसाद पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। हजारों श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा एवं आनंदपूर्वक भगवान का महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति ने आने वाले तीनों दिनों में भी प्रत्येक आगंतुक के लिए निःशुल्क महाप्रसाद की व्यवस्था की है।
*देशभर के कलाकारों एवं धनबाद की संस्थाओं ने बांधा समां*
प्रथम दिवस की संध्या में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। धनबाद के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सांस्कृतिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा पर आधारित मनमोहक नृत्य, संगीत एवं नाट्य प्रस्तुतियाँ दीं। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों ने भी अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भक्ति संगीत, शास्त्रीय एवं लोकनृत्य, हरिनाम संकीर्तन तथा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर रखा। विशाल एलईडी स्क्रीन एवं सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था के कारण हजारों श्रद्धालुओं ने कार्यक्रमों का आनंद लिया।
*श्रद्धालुओं के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएँ*
रथयात्रा में सम्मिलित हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की गई थीं। पूरे यात्रा मार्ग में शीतल पेयजल, शरबत, चिकित्सा सहायता, एम्बुलेंस, सुरक्षा बल एवं स्वयंसेवकों की विशेष टीम निरंतर सेवा में लगी रही। भगवान के लिए श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित भोग को एकत्रित करने हेतु विशेष वाहन भी रथ के साथ चलता रहा, जिससे मार्ग में विभिन्न स्थानों पर भगवान को श्रद्धापूर्वक भोग अर्पित किया गया।
*मेगा यूथ फेस्टिवल का निमंत्रण*
आयोजन समिति ने समस्त धनबादवासियों को 19 जुलाई (रविवार) को आयोजित होने वाले पाँचवें मेगा यूथ फेस्टिवल में विशेष रूप से सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया। पिछले चार वर्षों से निरंतर सफल हो रहे इस कार्यक्रम में इस वर्ष 2,000 से अधिक युवाओं का पंजीकरण हो चुका है, जो अब तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है। युवा महोत्सव में प्रेरणादायक व्याख्यान, संगीत, नृत्य, नाटक, व्यक्तित्व विकास एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके साथ ही नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत हजारों युवा व्यसनमुक्त जीवन का संकल्प लेंगे। प्रतिभागियों को उपहार एवं महाप्रसाद भी प्रदान किया जाएगा।
*आगामी तीन दिनों के लिए आमंत्रण*
इस्कॉन धनबाद ने समस्त धनबादवासियों से आग्रह किया है कि वे 17 से 19 जुलाई तक प्रतिदिन संध्या आयोजित होने वाले भव्य सांस्कृतिक महोत्सव, हरिनाम संकीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन, श्री जगन्नाथ दर्शन, आनंद बाजार एवं निःशुल्क महाप्रसाद वितरण में परिवार सहित अवश्य सम्मिलित हों तथा भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की असीम कृपा का लाभ प्राप्त करें।आयोजन समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष की चार दिवसीय श्री जगन्नाथ रथयात्रा धनबाद के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।


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