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धनसार में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता इको फ्रेंडली पंडाल एरेका पाम, तुलसी, मनी प्लांट, स्नेक प्लांट व स्पाइडर प्लांट से बन रहा है

 



धनबाद। धनसार दुर्गा पूजा समिति द्वारा इस बार पर्यावरण का संदेश देता पंडाल बनाया जा रहा है. एक लाख पौधों से हरियाली का संदेश देता यह पंडाल आकर्षण का केंद्र बनने वाला है. लक्ष्मी नारायण विद्या मंदिर धनसार के प्रांगण में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता इको फ्रेंडली पंडाल एरेका पाम, तुलसी, मनी प्लांट, स्नेक प्लांट व स्पाइडर प्लांट से बनाया जा रहा है.अमरेंद्र सिंह उर्फ गुडु सिंह, सचिव, धनसार पूजा समिति ने बताया कि  पूजा का बजट है 17 लाख, इस बार 17 लाख बजट से इको फ्रेंडली पंडाल बनाया जा रहा है. 9 लाख का पंडाल, 2 लाख की मूर्ति व 2 लाख की विद्युत सज्जा, 4 लाख से अधिक पूजा व अन्य खर्च का बजट है।

 2014 से बन रहा है थीम बेस्ड पंडाल 

2014 से अलग थीम पर पंडाल बनाया जा रहा है. 2014 में बिचाली का पंडाल काफी पसंद किया गया था. इसके बाद से थीम आधारित पंडाल धनसार की पहचान है। हमारी समिति हर साल थीम बेस्ड पंडाल बनाती है. पंडाल के माध्यम से संदेश दिया जाता है. इस साल एक लाख पौधों से स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया जा रहा है. खास पंडाल बनाये जाने की भक्तों की भीड़ उमड़ती है. भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समिति के सदस्यों के साथ ही स्वंय सेवक सक्रिय रहते है। बनी. 2015 में ढोलकपुर, 2016 में परीलोक, 2017 में वृक्षालाय, 2018 में प्लास्टिक ग्लास, 2019 में मोबाइल का दुरुपयोग, 2022 में शीतला मंदिर, 2023 असम गुड़िया, 2024 में कागज के ठोंगे और 2025 में अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग थीम पर पंडाल बना था.

1946 से हो रही है पूजा

यहां 1946 से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है. समिति के उपाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि धनसार के अनुग्रह नगर और आसपास के लोगों ने मिलकर दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी. तब से यहां निरंतर दुर्गा पूजा हो रही है. पहली बार छोटा पंडाल बनाकर पूजा की गई थी. 2014 से थीम आधारित पंडाल सजाया जा रहा है. इस बार के पंडाल के बाहरी हिस्से में भगवान जगन्नाथ के चेहरे की आकृति के दर्शन होंगे. 50 फीट ऊंचे पंडाल में भगवान जगन्नाथ की आकृति बनाने में 40 हजार बांस के छोटे-छोटे टुकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा. कहीं भी प्लास्टिक, कपड़े का इस्तेमाल नहीं होगा. लल्लू मालाकार पंडाल बना रहे हैं. मूर्तिकार दुलाल पाल मां दुर्गा की मूर्ति बना रहे हैं.

कौन-कौन हैं समिति में : संरक्षक

पशुपति नाथ सिंह (पूर्व सांसद), अध्यक्ष राणा रामजी सिंह, सचिव अमरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष मनीष सिंह, उपाध्यक्ष अमित सिंह, सुमित सिंह, मनोज सिंह, अनमोल जा, गौरव सिंह, सौरभ सिंह, आदित्य सिंह, आशुतोष सिंह, कुशाग्र कश्यप, सह सचिव आदित्य पांडे, सन्नी सिंह, रौशन सिंह, आकाश सिंह, शांतम कश्यप सहित कई शामिल हैं.



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