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प्रमुख वन्यजीव संरक्षणवादी रोमुलस व्हिटेकर ने धनबाद के पर्यावरणविद् एके सहाय के कार्यों को सराहा, धनबाद के लिए गौरव का पल


 धनबाद। अमेरिका में जन्मे भारतीय सरीसृप विज्ञानी (herpetologist) और प्रमुख वन्यजीव संरक्षणवादी रोमुलस व्हिटेकर (Romulus Whitaker) , जिन्हें भारत में 'स्नेकमैन' (Snake Man of India) के रूप में जाना जाता है ने धनबाद में रहने वाले प्रसिद्ध पर्यावरण  एके  सहाय के The drift jungle Stories of a banker की पुस्तक की प्रशंसा की है। उन्होंने उनके पर्यावरण के प्रति कार्य और लगाव को देखते हुए उनके कार्यों को सराहा है। रोमुलस व्हिटेकर के प्रशंसनीय शब्दों को धनबाद बरटांड़ के रहने वाले एक के सहाय ने धनबाद का सम्मान बताया है।

पुस्तक का परिचय
यह एक बैंकर की जीवन-कहानी है, जो कई घटनाओं और बचपन की रुचि के कारण प्रकृति की ओर आकर्षित हुए और दुनिया भर में मशहूर प्रकृतिवादी और पक्षी विशेषज्ञ बन गए। वे जे.सी. डैनियल और ए.जे.टी. जॉनसिंह जैसे महान विशेषज्ञों से मिले। उनसे प्रभावित होकर उन्होंने बैंकिंग में अपने करियर की परवाह नहीं की और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी से जुड़ गए। इस किताब में यह भी बताया गया है कि कैसे उन्होंने गोवा राज्य के सभी पक्षी-दर्शन वाले इलाकों में जाकर पक्षियों को देखने और समझने की बुनियादी बातें सीखीं। जल्द ही वे राज्य में पक्षियों की तस्वीरें खींचने वाले मशहूर फोटोग्राफर बन गए। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' के 'गोवा प्लस' में उनके कॉलम बहुत लोकप्रिय हुए और उन्हें प्रतिष्ठित 'राज्य सरकार वन्यजीव पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। प्रकृति शिक्षा के क्षेत्र में अपने काम के लिए यह सालाना पुरस्कार पाने वाले वे पहले गैर-गोअन (गोवा के बाहर के व्यक्ति) बने। इस किताब में कई दिलचस्प अध्याय हैं, जैसे: जिन महान लोगों से मैं मिला पेड़ पर लड़की फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में भूत ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से मुलाकात प्रकृति शिक्षा अभियान पेड़ के तने में कोबरा धनबाद जिले में पक्षियों से समृद्ध इलाके।

यह किताब उदाहरणों के साथ यह भी बताती है कि लेखक ने पक्षियों के साथ ऐसा जुड़ाव कैसे बनाया कि पक्षी उनके करीब आने लगे। इसमें दुख, कॉमेडी, हास्य और प्रेम-प्रसंग भी हैं। इसमें कुछ मजेदार पल भी हैं, जैसे मैट्रिक बोर्ड परीक्षा के प्रैक्टिकल के दौरान, उन्होंने उस केले को ही खा लिया जो उन्हें पहचानने और उसका वर्णन करने के लिए दिया गया था। विशेषज्ञों ने इसकी भाषा की गुणवत्ता और शैली दोनों की तारीफ की है। दिलचस्प कहानी और अध्यायों के बीच जुड़ाव के कारण लोग इस किताब को एक ही बार में पूरा पढ़ लेते हैं। यह किताब इतनी लोकप्रिय हो रही है कि इसे ग्यारह देशों में लॉन्च किया गया है। हमारे देश में यह Amazon और Flipkart पर उपलब्ध है। धनबाद और झारखंड के लोग इस अनोखे प्रकृतिवादी और मशहूर लेखक पर गर्व कर




कौन है एके सहाय

एके सहाय (A.K. Sahay) झारखंड के धनबाद के रहने वाले एक प्रसिद्ध प्रकृतिवादी (Naturalist), पक्षी प्रेमी और पर्यावरणविद हैं। वे मुख्य रूप से जैव विविधता, विशेषकर पक्षी संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में अपने विशिष्ट कार्यों के लिए जाने जाते हैं।

उनके प्रमुख कार्य और योगदान निम्नलिखित हैं:

• 'धनबाद बर्ड्स' (Dhanbad Birds) संस्था की स्थापना: सेवानिवृत्त बैंक कर्मी एके सहाय ने धनबाद में पक्षियों के संरक्षण और उनकी घटती संख्या को बचाने के लिए 'धनबाद बर्ड्स' नामक संस्था का गठन किया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने लोगों को एकजुट किया और क्षेत्र में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था शुरू की, जिससे धनबाद में 100 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का बसेरा संभव हो पाया।

• प्रकृति शिक्षा अभियान (Nature Education Campaign): वे इंडियन बर्ड फोटोग्राफी सोसाइटी (IBPS) के तत्वावधान में स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं और छात्रों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाते हैं।

• वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी: वे एक कुशल बर्ड फोटोग्राफर भी हैं, जो अपनी तस्वीरों के जरिए पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति समाज में संवेदनशीलता जगाते हैं।

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