धनबाद। जिला फुटबॉल संघ (निबंधित) के पदाधिकारियों ने एडहोक कमेटी को फर्जी बताते हुए कहा कि पैसे की बंदरबांट के लिए ही जेएफए के महासचिव गुलाम रब्बानी ने धनबाद में फुटबॉल संघ की एडहोक कमेटी बनाई है। जब हमारी कमेटी निबंधित हो चुकी है तो एडहोक कमेटी बनाने की जरूरत कहां से आ गई। गुरुवार को यूनियन क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में धनबाद जिला फुटबाल संघ (निबंधित) के कार्यकारी अध्यक्ष कुबेर सिंह ने कहा कि गुलाम रब्बानी का मकसद सिर्फ एक है कि वह अपने बेटे को झारखंड फुटबाल एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी के पद पद पर बैठाना चाहते हैं। उन्होंने झारखंड फुटबॉल संघ के चुनाव में फर्जीवाड़ा किया है। वह जल्द ही इसका खुलासा करते हुए ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन को इसकी जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य के सात जिलों में गुलाम रब्बानी ने एडहोक कमेटी बनाकर वहां विवाद पैदा करवा दिया है। उनका मकसद है कि एडहोक कमेटी के माध्यम से वह फर्जी बिल की निकासी करेंगे। धनबाद जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष रवि आनंद ने कहा कि जिस सरकार से गुलाम रब्बानी ने धनबाद फुटबॉल संघ को निबंधित कराया है, वहीं से धनबाद जिला फुटबॉल संघ की हमारी कमेटी भी निबंधित है। अगर हम गलत हैं तो झारखंड फुटबॉल संघ भी गलत है। महासचिव फैयाज अहमद ने कहा कि झारखंड के लीग खस्सी टूर्नामेंट बनकर रह गए हैं। ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन के सीआरएस सिस्टम से कोई लीग रजिस्टर्ड नहीं है। करीब 20 साल से संघ पर कब्जा करके गुलाम रब्बानी ने झारखंड में फुटबॉल को गर्त में पहुंचा दिया। हमलोगों ने एडहोक कमेटी बनाकर उसका बायलॉज बनाया। लेकिन उन्होंने चुनाव तक नहीं कराया। इसमें हमारी कमेटी की कहां गलती है। वह खुद ही चुनाव कराना नहीं चाहते हैं।

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