Dhanbad। राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, अशोक नगर में 15 से 17 दिसंबर 2023 तक प्रांतीय कला संगम 2023 का आयोजन होगा। विद्या विकास समिति, झारखंड रॉची के प्रांतीय सदस्य, राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के अध्यक्ष व बाल कल्याण समिति धनबाद जिला के अध्यक्ष बिनोद कुमार तुलस्यान ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रांतीय कला संगम 2023 का आतिथ्य देकर विद्या विकास समिति, झारखंड ने हमें अनुगृहीत किया है। विद्या भारती के झारखंड में 226 विद्या मंदिर हैं जिनमें लगभग 50 विद्या मंदिरों के लगभग 1000 की संख्या में बाल कलाकार जुटेंगे और इसी क्रम में उनकी प्रतिभा निखरेगी । मैं इस कार्यक्रम की सफलता के लिए संकल्पित हूँ। मेरा प्रयास रहेगा कि झारखंड से आये सभी बाल कलाकार एवं संरक्षक आचार्य राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के बारे में अच्छी सोच लेकर लौटेंगे । भारतीय कलाओं में संगीत का स्थान सर्वोपरि है। संगीत को संस्कृति का अलंकार और संस्कृति को संगीत का अधिष्ठान कहा गया है। यह सर्वविदित है कि प्राणीमात्र में जन्म से ही संगीत का बीज विद्यमान होता है। जन्म के उपरान्त वह अपने बीज के अनुरूप ही संगीत की निश्चित विधाओं में आगे बढ़ता है। गायन, वादन, नर्तन से अन्नमय, प्राणमय,मनोमय, विज्ञानमय एवं आनंदमय कोष अर्थात् पंचकोषों के विकास की कल्पना की गई है।
यह आयोजन समाज तथा राष्ट्र के निर्माण में सहायक होगा- नीरज कुमार
प्रेस-वार्ता को सम्बोधित करते हुए विद्या विकास समिति, झारखण्ड (रॉची) के पूर्णकालिक कार्यकर्ता एवं संगीत शिक्षा के प्रांत के संयोजक नीरज कुमार लाल ने कहा कि संगीत मन और आत्मा को अनुशासन में लाकर शिशुओं के सम्यक विकास की क्षमता रखता है। निर्भर करता है कि हम शिशुओं में विद्यमान संगीत के उस बीज का विकास किस प्रकार करते हैं। इस दिशा में यदि शिशुओं को उचित वातावरण संरक्षण एवं मंच मिले तो आगे चलकर वह समाज तथा राष्ट्र के निर्माण में सहायक होगा। इसी अवधारणा को साकार करने की दृष्टि से विद्या भारती के आधारभूत विषयों में से एक संगीत के विभिन्न विधाओं को लेकर इस वर्ष प्रांतीय कला संगम का आयोजन राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर में किया गया है ।
सभी को अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका मिलेगा:संजीव अग्रवाल
कार्यक्रम के संयोजक संजीव अग्रवाल ने मीडिया कर्मियों से कहा कि प्रतियोगिता शिशु, बाल, किशोर तीन वर्गों में होगी। इसमें व्यक्तिगत गीत, सामूहिक गीत, नृत्य, वाद्य वादन, एकांकी, चित्रकला, रंगोली, मेंहदी, मूर्तिकला जैसे विषयों पर प्रतियोगिता होगी। मेरा संदेश है कि कला संगम में आये सभी मैया-बहनों को अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका मिलेगा, इसलिए वे स्वस्थ मानसिकता के साथ अपनी कला का प्रदर्शन करें ।राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के प्राचार्य श्री सुमन्त कुमार मिश्रा ने मीडिया को बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने में राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर की प्रबन्ध समिति विभिन्न विषयों को लेकर बैठक कर चुकी है। कार्यक्रम में आने वाले बाल कलाकार, संरक्षक आचार्य को कोई कष्ट न हो, इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है। 15, 16 एवं 17 इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि श्री ख्यालिराम जी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री उत्तर-पूर्व क्षेत्र विद्या भारती, विशिष्ट अतिथि श्री राम अवतार नारसरिया जी, क्षेत्रीय मंत्री, उत्तर-पूर्व क्षेत्र, विद्या भारती एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री बिनोद कुमार तुलस्यान, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति धनबाद जिला होंगे ।
ये रहे मौजूद
विद्यालय के मंत्री संजीव अग्रवाल कार्यक्रम के संयोजक एवं विद्यालय के सहमंत्री दीपक रूईया कार्यक्रम के सह संयोजक हैं। प्रेस वार्ता को विद्या विकास समिति, झारखंड के पूर्णकालिक कार्यकर्ता एवं संगीत शिक्षा के प्रांत के संयोजक नीरज कुमार लाल, विद्यालय के अध्यक्ष बिनोद कुमार तुलस्यान, सचिव संजीव अग्रवाल, प्राचार्य सुमन्त कुमार मिश्रा ने सम्बोधित किया ।



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